Shri Khatu Shyam Mandir

श्री खाटू श्याम मंदिर

Kosmi • Betul • Madhya Pradesh

॥ जय श्री श्याम ॥

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दर्शन समय: प्रातः 5:15 AM – 12:30 PM   |   सायं 4:00 PM – 9:45 PM आरती समय: मंगला आरती - 5:30 AM   |   श्रृंगार आरती - 8:30 AM   |   राजभोग आरती - 11:20 AM   |   संध्या आरती - 6:45 PM   |   शयन आरती - 9:10 PM सूचना: मंदिर दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक बंद रहता है। कृपया दर्शन हेतु समय का ध्यान रखें। प्रसाद सेवा: अब आप घर बैठे बाबा श्याम का पवित्र प्रसाद एवं सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दर्शन समय: प्रातः 5:15 AM – 12:30 PM   |   सायं 4:00 PM – 9:45 PM आरती समय: मंगला आरती - 5:30 AM   |   श्रृंगार आरती - 8:30 AM   |   राजभोग आरती - 11:20 AM   |   संध्या आरती - 6:45 PM   |   शयन आरती - 9:10 PM सूचना: मंदिर दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक बंद रहता है। कृपया दर्शन हेतु समय का ध्यान रखें। प्रसाद सेवा: अब आप घर बैठे बाबा श्याम का पवित्र प्रसाद एवं सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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Khatu Shyam Temple Background
The Legend of Veer Barbarik

श्री खाटू श्याम का इतिहास

कलयुग के अवतारी, हारे के सहारे और शीश के दानी बाबा श्याम की अद्भुत और अलौकिक गाथा।

Veer Barbarik

महापराक्रमी बर्बरीक का जन्म

बाबा खाटू श्याम जी का संबंध महाभारत काल से है। वे पांडव पुत्र भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र 'बर्बरीक' हैं। बचपन से ही वे अत्यंत वीर और महान योद्धा थे। उन्होंने भगवान शिव और अग्निदेव की घोर तपस्या कर तीन अमोघ बाण प्राप्त किए थे, जिससे वे तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर सकते थे।

Mother Maurvi Promise

माता को दिया वचन - हारे का सहारा

जब महाभारत का युद्ध तय हुआ, तो बर्बरीक ने भी युद्ध में भाग लेने की इच्छा जताई। अपनी माता 'मौर्वी' से आशीर्वाद लेते समय, माता ने उनसे वचन लिया कि वे युद्ध में उसी पक्ष का साथ देंगे जो हार रहा होगा। इसी महान वचन के कारण आज उन्हें "हारे का सहारा" कहा जाता है।

Shish Daan

शीश का परम दान

भगवान श्रीकृष्ण जानते थे कि यदि बर्बरीक कौरवों की ओर से लड़े तो पांडवों की हार निश्चित है। अतः उन्होंने ब्राह्मण का भेष धरकर बर्बरीक से दान में उनका शीश मांग लिया। वीर बर्बरीक ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए बिना संकोच अपना शीश काटकर प्रभु के चरणों में अर्पित कर दिया।

Kalyug Avtaar

कलयुग के श्याम

बर्बरीक के इस अद्वितीय बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलयुग में वे उनके स्वयं के नाम 'श्याम' के नाम से पूजे जाएंगे। आज राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम में उनका भव्य मंदिर है, जहाँ लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

Divine History

बर्बरीक की अमर गाथा

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Baba Shyam Background

Divine Titles

बाबा श्याम के पावन नाम

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श्री खाटू श्याम मंदिर

Kosmi, Betul, Madhya Pradesh

दर्शन: 5:30 AM – 12:30 PM | 4:00 PM – 9:45 PM

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